मध्य भारत शिक्षा समिति के ‘वृक्षोत्सव-2026’ में रचा गया हरित इतिहास ऋषि गालव विश्वविद्यालय परिसर में दो घंटे में रोपे गए 5,000 पौधे, ग्वालियर के लिए बना पर्यावरण संरक्षण का नया कीर्तिमान मध्य भारत शिक्षा समिति द्वारा स्थापित ऋषि गालव विश्वविद्यालय, ग्वालियर परिसर में आयोजित ‘वृक्षोत्सव-2026’ के अंतर्गत 1 अगस्त 2026 शनिवार को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई। विश्वविद्यालय की भूमि पर मात्र दो घंटे (प्रातः 8:30 बजे से 10:30 बजे तक) में 5,000 पौधों का रोपण कर एक उल्लेखनीय हरित अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस आयोजन को ग्वालियर के सामाजिक, शैक्षणिक और पर्यावरणीय इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। ‘एक पेड़, एक जिंदगी’ अभियान के अंतर्गत आयोजित इस महाअभियान में शिक्षा, प्रशासन, धर्म, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अभियान में प्राध्यापक, शिक्षक, कर्मचारी, एनएसएस, एनसीसी, खेल, व्यक्तित्व विकास एवं सांस्कृतिक समितियों से जुड़े विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में पौधरोपण कर अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम में पूज्य संतों एवं समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पौधरोपण में, सहित अनेक सामाजिक एवं प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। अभियान के दौरान जामुन, आम, बरगद, पीपल, अर्जुन, अमरूद, आंवला, नीम, पाम, बेलपत्र, कनेर, बांस और चीनी चंपा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित क्रम में रोपा गया। इन पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल के लिए ‘वृक्ष-रक्षक विभाग’ के गठन की घोषणा भी की है, जिससे प्रत्येक पौधे की निगरानी और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। इस महाअभियान को सफल बनाने में विभिन्न संस्थाओं का उल्लेखनीय सहयोग प्राप्त हुआ। गुरुद्वारा दाता बंदी छोड़ की ओर से लगभग 2,500 पौधे, नगर निगम ग्वालियर द्वारा 3,000 पौधे तथा सिंचाई हेतु पानी के टैंकर, जबकि कृषि क्षेत्र से जुड़े सहयोगियों द्वारा 700 किलोग्राम जैविक खाद (केंचुआ खाद) उपलब्ध कराई गई। पर्यावरण मित्रों और स्वयंसेवकों ने भी अभियान के संचालन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मध्य भारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र बांदिल ने कहा कि यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि भावी पीढ़ी को प्रकृति के साथ जोड़ने और मूल्य आधारित जीवन-दृष्टि विकसित करने का प्रयास है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले वर्ष ग्वालियर के व्यापक जनसहयोग से लाखों पौधे लगाने का लक्ष्य लेकर एक और बड़े हरित अभियान का आयोजन किया जाएगा। वृक्षोत्सव-2026 ने यह संदेश दिया कि जब समाज के सभी वर्ग—शिक्षा जगत, प्रशासन, संत समाज, सामाजिक संगठन और युवा शक्ति—एक साझा उद्देश्य के लिए साथ आते हैं, तो असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किए जा सकते हैं। ऋषि गालव विश्वविद्यालय परिसर में दो घंटे में 5,000 पौधों का रोपण ग्वालियर के लिए केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित विरासत और पर्यावरणीय संकल्प का प्रतीक बन गया है।